मिटà¥à¤Ÿà¥€ जैव-à¤à¥‚-रासायनिक चकà¥à¤°à¥‹à¤‚ का à¤à¤£à¥à¤¡à¤¾à¤°à¤˜à¤° है। सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥
मिटà¥à¤Ÿà¥€ कृषि विकास, सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और
पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• खादà¥à¤¯ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ और आवशà¥à¤¯à¤• पारिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤•ी तंतà¥à¤° सेवाओं की नींव होती है।
मिटà¥à¤Ÿà¥€ वह मूलà¤à¥‚त पदारà¥à¤¥ है जो पानी के साथ मिलकर हमारे गà¥à¤°à¤¹ के असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ को बनाà¤
रखती है। मिटà¥à¤Ÿà¥€ वह मूलà¤à¥‚त संसाधन à¤à¥€ है जो पृथà¥à¤µà¥€ पर खादà¥à¤¯ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ के बड़े अनà¥à¤ªà¤¾à¤¤
के लिठउतà¥à¤¤à¤°à¤¦à¤¾à¤¯à¥€ है। मानवजनित जलवायॠपरिवरà¥à¤¤à¤¨ और अनà¥à¤¯ मानवीय गतिविधियों के कारण
हमारी मिटà¥à¤Ÿà¥€ का कà¥à¤·à¤°à¤£ हो रहा है। मिटà¥à¤Ÿà¥€ के बारे में सही विवरण ‘खादà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ कृषि संगठन’ (FAO) के “मिटà¥à¤Ÿà¥€ विवरण हेतà¥
दिशानिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶â€ की मदद से जाना जा सकता है।
मिटà¥à¤Ÿà¥€ की सामानà¥à¤¯ विशेषताà¤à¤‚ जो इसके à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤•, रासायनिक और जैविक गà¥à¤£à¤§à¤°à¥à¤® और पारिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤•ी
तंतà¥à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ संकेतक हैं, उनमें निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित समà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¿à¤¤ हैं -
Ø मिटà¥à¤Ÿà¥€ का रंग,
Ø मृदा संसà¥à¤¤à¤° ,
Ø मिटà¥à¤Ÿà¥€ की संरचना,  Â
Ø मिटà¥à¤Ÿà¥€ की बनावट
Ø मिटà¥à¤Ÿà¥€ की सघनता
Ø मिटà¥à¤Ÿà¥€ का पीà¤à¤š और
Ø मिटà¥à¤Ÿà¥€ की सरंधà¥à¤°à¤¤à¤¾