मछली का शलà¥à¤• à¤à¤• छोटी कठोर पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ होती है जो मछली की तà¥à¤µà¤šà¤¾ से निकलती है। मछली शलà¥à¤• की जड़ मधà¥à¤¯à¤œà¤¨à¤¸à¥à¤¤à¤° (मीसोडरà¥à¤®) (अधिचरà¥à¤® और अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ ऊतकों के बीच की परत) में धà¤à¤¸à¥€ होती है तथा वह वहीं से विकसित होता है। ‘शलà¥à¤•’ (अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ में scale) शबà¥à¤¦ की उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ फà¥à¤°à¤¾à¤‚सीसी शबà¥à¤¦ à¤à¤¸à¥à¤•ेल (escale) से हà¥à¤ˆ है, जिसका अरà¥à¤¥ है शंख फली या छिलका। शलà¥à¤• का पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ मछली के लिठकवच/सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• आवरण के रूप में कारà¥à¤¯ करना है और इसके अलावा ये पà¥à¤°à¤•ाश के परावरà¥à¤¤à¤¨ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ छलावरण उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर छà¥à¤ªà¤¨à¥‡ में, रंग बदलने में, तथा जल के सापेकà¥à¤· गतियाठकरने में मददगार होते हैं। मछलियों में शलà¥à¤•ों के विकास के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° गà¥à¤£à¤¸à¥‚तà¥à¤° सà¥à¤¤à¤¨à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बालों के विकास के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° गà¥à¤£à¤¸à¥‚तà¥à¤° के समान ही होते हैं।
मछली में शलà¥à¤• à¤à¤• के ऊपर à¤à¤• इस पà¥à¤°à¤•ार बढ़ते हैं कि शलà¥à¤• का मà¥à¤•à¥à¤¤ सिरा पूंछ की ओर इंगित करता है। यदि हम अपना हाथ मछली के शरीर पर सिर से पूंछ की ओर सरकाते हैं तो यह चिकनी तà¥à¤µà¤šà¤¾ जैसा महसूस होगा लेकिन यदि हम पूंछ से सिर की ओर हाथ सरकाते हैं तो शलà¥à¤• के मà¥à¤•à¥à¤¤ सिरे हमें खà¥à¤°à¤¦à¥à¤°à¥€ बनावट का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ देते हैं।
चितà¥à¤°: मछली के शरीर पर पर शलà¥à¤• आवरण का सà¥à¤µà¤°à¥‚प
मछली के शलà¥à¤•ों को चार पà¥à¤°à¤®à¥à¤– पà¥à¤°à¤•ारों में वरà¥à¤—ीकृत किया गया है - पà¥à¤²à¥‡à¤•ॉइड, गैनॉइड, साइकà¥à¤²à¥‹à¤‡à¤¡ और टेनॉइड।
पà¥à¤²à¥‡à¤•ॉइड शलà¥à¤•:
पà¥à¤²à¥‡à¤•ॉइड शलà¥à¤•, शलà¥à¤• का सबसे पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ रूप हैं। जैसे-जैसे मछली का आकार बढ़ता है, वे आकार में नहीं बढ़ते हैं, बलà¥à¤•ि कà¥à¤› शलà¥à¤• आपस में जà¥à¤¡à¤¼ जाते हैं। पà¥à¤²à¥‡à¤•ॉइड शलà¥à¤• की संरचना में 3 परतें होती हैं। सबसे à¤à¥€à¤¤à¤°à¥€ गूदेदार संवहनी कोर है जिसके ऊपर मधà¥à¤¯ परत चà¥à¤¨à¤¾à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ ऊतक की होती है जिसे डेंटाइन कहा जाता है और सबसे बाहरी परत कठोर पारदरà¥à¤¶à¥€, अपारदरà¥à¤¶à¥€ या आंशिक रूप से अपारदरà¥à¤¶à¥€, इनेमल जैसे पदारà¥à¤¥ से बनी होती है, जिसे विटà¥à¤°à¥‹à¤¡à¥‡à¤‚टाइन कहा जाता है। उपासà¥à¤¥à¤¿à¤®à¤¯ मछलियों जैसे शारà¥à¤•, रे, कीमेरा आदि में पà¥à¤²à¥‡à¤•ॉइड शलà¥à¤• पाठजाते हैं।
गैनॉइड शलà¥à¤• :
गैनॉइड शलà¥à¤• पà¥à¤²à¥‡à¤•ॉइड शलà¥à¤• की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में थोड़ा कम पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ होते हैं। जैसे-जैसे मछली की उमà¥à¤° बढ़ती है, ये शलà¥à¤• आकार में बढ़ते जाते हैं। गैनॉइड शलà¥à¤•ों की संरचना हीरे के आकार की, कठोर और मोटी दिखाई देती है। गैनॉइड शलà¥à¤• गैनोइन (चमकदार पदारà¥à¤¥ जो कोरियम नामक तà¥à¤µà¤šà¤¾ की गहरी संवहनी आंतरिक परत से सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है, और शलà¥à¤• की बाहरी परत बनाता है) से बनता है। बिचिर, पैडल फिश, बोउफिन, गार, सà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤œà¤¨ आदि मछलियों में गैनॉइड शलà¥à¤• होते हैं।
सायकà¥à¤²à¥‰à¤‡à¤¡ शलà¥à¤• :
सायकà¥à¤²à¥‰à¤‡à¤¡ शलà¥à¤• उनà¥à¤¨à¤¤ शलà¥à¤• पà¥à¤°à¤•ारों में से कम उनà¥à¤¨à¤¤ हैं। जैसे-जैसे मछली की उमà¥à¤° बढ़ती है, ये शलà¥à¤• आकार में बढ़ते जाते हैं और वृदà¥à¤§à¤¿ को शलà¥à¤• में बने वलय या छलà¥à¤²à¥‹à¤‚ के रूप में देखा जा सकता है। इन वलय का संबंध मछली की आयॠसे हो सकता है। सायकà¥à¤²à¥‰à¤‡à¤¡ शलà¥à¤• पतले, गोलाकार शलà¥à¤• होते हैं जो अधिचरà¥à¤® और शà¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤® (मà¥à¤¯à¥‚कस) की à¤à¤• पतली परत से ढके होते हैं। इस शलà¥à¤• के कारण मछली पर लसलसापन महसूस होता है। निचले कà¥à¤°à¤® की असà¥à¤¥à¤¿à¤² मछलियाठजैसे सालà¥à¤®à¤¨, कारà¥à¤ª, मिनो आदि में सायकà¥à¤²à¥‰à¤‡à¤¡ शलà¥à¤• पाठजाते हैं।
टेनॉइड शलà¥à¤• :
टेनॉइड शलà¥à¤• सà¤à¥€ शलà¥à¤• रूपों में सबसे उनà¥à¤¨à¤¤ हैं। जैसे-जैसे मछली का आकार बà¥à¤¤à¤¾ है, इन शलà¥à¤•ों का आकार à¤à¥€ बढ़ता जाता है और यह वृदà¥à¤§à¤¿ शलà¥à¤• के वलय या छलà¥à¤²à¥‡ के रूप में दिखाई देती है। टेनॉइड शलà¥à¤• की संरचना साइकà¥à¤²à¥‰à¤¯à¤¡ शलà¥à¤• के समान ही होती है, केवल अंतर के रूप में शलà¥à¤• के पिछले सिरे (मà¥à¤•à¥à¤¤ सिरे) पर छोटे कंघी जैसे उà¤à¤¾à¤° होते हैं। शलà¥à¤• में ये उà¤à¤¾à¤° मछली को तेजी से तैरने में मदद करते हैं। उचà¥à¤š गण की असà¥à¤¥à¤¿à¤² मछलियों जैसे टूना, परà¥à¤š, डà¥à¤°à¤®, सनफिश आदि में टेनॉइड शलà¥à¤• होते हैं।
शलà¥à¤• की संरचना मछली समूहों के वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• वरà¥à¤—ीकरण में उपयोगी है। इस पà¥à¤°à¤•ार, मछलियों में , पà¥à¤²à¥‡à¤•ॉइड शलà¥à¤• कॉंनà¥à¤¡à¥à¤°à¤¿à¤•थिस (उपासà¥à¤¥à¤¿ यà¥à¤•à¥à¤¤ कठोर लोचदार ऊतक वाली मछलियां) की विशेषता हैं, गैनॉइड शलà¥à¤• आदिम बोनी मछलियों में पाठजाते हैं, जबकि साइकà¥à¤²à¥‹à¤‡à¤¡ और टेनॉइड शलà¥à¤• उचà¥à¤š टेलोसà¥à¤Ÿà¥à¤¸ (बोनी मछलियों) में पाठजाते हैं।
शलà¥à¤•ों की संरचना मछलियों के वृहदॠवरà¥à¤—ीकरण में सहायक है। इस पà¥à¤°à¤•ार से, पà¥à¤²à¥‡à¤•ॉइड शलà¥à¤• कोंडà¥à¤°à¤¿à¤•थीज (उपासà¥à¤¥à¤¿, मजबूत लचीले ऊतकों यà¥à¤•à¥à¤¤) वरà¥à¤— की मछलियों का गà¥à¤£à¤§à¤°à¥à¤® है। गैनॉइड शलà¥à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ असà¥à¤¥à¤¿ यà¥à¤•à¥à¤¤ मछलियों में, जबकि सायकà¥à¤²à¥‰à¤‡à¤¡ और टेनॉइड शलà¥à¤• उचà¥à¤š टीलिओसà¥à¤Ÿ (असà¥à¤¥à¤¿ यà¥à¤•à¥à¤¤) मछलियों में पाठजाते हैं। पेड़ों में वारà¥à¤·à¤¿à¤• वृदà¥à¤§à¤¿ वलय की तरह, साइकà¥à¤²à¥‹à¤‡à¤¡ और टेनॉइड मछली शलà¥à¤• में à¤à¥€ वारà¥à¤·à¤¿à¤• वृदà¥à¤§à¤¿ वलय होते हैं। शलà¥à¤• के वलय के सà¥à¤µà¤°à¥‚प के अवलोकन से मछली की आयॠऔर वृदà¥à¤§à¤¿ के साथ-साथ उनके आवास में विदà¥à¤¯à¤®à¤¾à¤¨ परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का à¤à¥€ अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ लगा सकते हैं।