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प्रयोग विवरण

‘साबुन के साथ बने झाग का परीक्षण’ करके पानी की कठोरता का निर्धारण


इस गतिविधि के बारे में


पानी की कठोरता एक महत्वपूर्ण विशेषता है जो निर्धारित सीमा के भीतर होने पर अच्छी है और निर्धारित सीमा से अधिक होने पर अच्छी नहीं है। अपने दैनिक जीवन में हम पानी की कठोरता का अनुभव करते है, लेकिन अधिकांशतः उस अनुभव को उसकी विशेषताओं और प्रभाव से जोड़ने में असमर्थ होते हैं। किसी स्त्रोत का पानी कठोर है या नहीं, इसे जानने और समझने तथा परीक्षण करके देखने के लिए अनेक सरल तरीके उपलब्ध हैं जिनसे कोई भी जान सकता है कि किसी स्त्रोत से प्राप्त पानी कठोर है या नहीं। हम किसी पानी के नमूने की कठोरता का परिमाण साबुन के साथ उसके द्वारा उत्पादित झाग की तुलना आसुत जल (या अन्य जल जो कठोर नहीं है) के साथ साबुन के झाग की मात्रा से करके निर्धारित कर सकते हैं।  

आवश्यक सामग्री


Ø  साबुन या डिटर्जेंट पाउडर,

Ø  आसुत जल,

Ø  मग या छोटी बाल्टी,

Ø  50 मिलीलीटर की चूड़ीदार ढक्कन वाली 2 बोतलें (वैकल्पिक रूप से आप कोई भी बराबर मात्रा की कांच या पारदर्शी पदार्थ की बनी छोटी बोतलें अच्छी तरह से धोकर सुखाकर ले सकते हैं। 

तरीका


1.   एक साबुन लेकर इसे आसुत जल में रगडें और मिला लें। इसका उपयोग ‘साबुन के पानी’ के रूप में झाग बनाने के लिए किया जाएगा।  

2.   एक चूड़ीदार ढक्कन वाली बोतल में ¼ मात्रा तक साबुन का पानी भरें और उसमे ¼ मात्रा आसुत जल की डालें। इसमें उत्पादित झाग की मात्रा का उपयोग (नियंत्रित के रूप में) परीक्षण किये जाने वाले जल के नमूने से उत्पादित झाग की तुलना करने के लिए किया जाएगा। 

3.   दूसरी स्क्रू कैप बोतल में ¼ मात्रा तक साबुन का पानी भरें तथा इसमे इतनी ही मात्रा में जिस जल की कठोरता का परीक्षण किया जाना है, उसे भर दें।

4.   दोनों बोतलों को एक मिनट तक समान रूप से हिलाएँ।                                         

5.   दोनों बोतलों में उत्पादित झाग की मात्रा का अवलोकन करें।

6.   दूसरी बोतल (नमूने वाली) में उत्पन्न झाग की तुलना पहली बोतल (आसुत जल वाली) में उत्पादित झाग से करें। 


चित्र: जल में झाग बनने का परीक्षण   

7.   यदि दोनों बोतलों में झाग की मात्रा लगभग बराबर है, तो वह प्रदर्शित करेगा कि परीक्षण के लिया गया नमूना मृदु जल है।  

8.   यदि उत्पन्न झाग कम है, तो संबंधित नमूने को कठोर पानी माना जाएगा।

9.   यदि कोई झाग उत्पन्न नहीं होता है तो संबंधित नमूने जल को बहुत कठोर माना जाएगा (अर्थात कठोरता की मात्रा 180 मिलीग्राम/लीटर से अधिक होगी) ।

10. विभिन्न स्त्रोतों से पानी के नमूने एकत्रित करें और उत्पादित झाग की तुलना नियंत्रित के रूप में लिए जाने वाले नमूने से करें और अवलोकनों का व्यवस्थित रूप से दस्तावेजीकरण करें। 

# साबुन की बजाय आप डिटर्जेंट पाउडर की थोड़ी सी मात्रा लेकर झाग बनाएँ और उपरोक्त विधि को दुबारा कर सकते हैं।

 

  

       चित्र: झाग बनने की 

डेटा संग्रह और विश्लेषण


 विभिन्न जल के नमूनों का कठोरता परीक्षण कर आंकड़ों को तुलनात्मक रूप से सारणीबद्ध किया जा सकता है। तालिका का प्रारूप तथा परिणाम की प्रविष्टियों का उदाहरण यहाँ दिया जा रहा है।  

 

पानी का स्त्रोत

नमूने में उत्पादित झाग की तुलना

जल की प्रवृत्ति

मृदु जल

(कठोरता <60 मिग्रा/ली )

कठोर जल

(कठोरता  121-180 मिग्रा/ली)

अति कठोर जल

(कठोरता >180 मिग्रा/ली)

नल का पानी (1)

दोनों के झाग बराबर

-

-

मृदु जल

नलकूप  का पानी

-

-

बहुत कम झाग

अति कठोर जल

नल का पानी (2)

-

थोड़े झाग

-

कठोर जल

 

खुले प्रश्नन्लेषण


Ø  पानी की कठोरता को कैसे दूर किया जा सकता है? क्या आप पानी की कठोरता को दूर कर सकते है, और उससे उत्पन्न झाग की मात्रा का दोबारा परीक्षण कर सकते हैं?

Ø  क्या हम कुछ पदार्थों को मिलाकर कठोर जल तैयार कर सकते हैं? मृदु जल में  अलग-अलग मात्रा में नमक और सोडा मिला कर और फिर उससे उत्पादित झाग के अवलोकन के माध्यम से कठोरता में परिवर्तन का परीक्षण करें।

Ø  नियंत्रित बोतल में झाग उत्पन्न करने के लिए आसुत जल के स्थान विपरीत परासरण जल (आर.ओ. जल) / वर्षा जल / बैटरी जल / संघनित जल का उपयोग करके देखें। 

परिणाम


उत्पादित झाग के अवलोकन के आधार पर विभिन्न पानी के नमूनों की कठोरता का  तुलनात्मक परिमाण लिखें। विभिन्न स्त्रोतों के पानी के नमूनों की कठोरता का एक आंकड़ा संग्रह  तैयार करें।  

सीखे गए मुख्य बिंदु