बादल
तब बनते हैं जब पृथà¥à¤µà¥€ से जल वाषà¥à¤ª वायà¥à¤®à¤‚डल में ऊपर उठता है और ऊपर उठने के दौरान
हवा के दबाव और तापमान में गिरावट के कारण यह हवा में बहà¥à¤¤ छोटे कणों (à¤à¤°à¥‹à¤¸à¥‹à¤²) पर
संघनित हो जाती है, अंततः संघनित वाषà¥à¤ª सघन हो जाती है और अपने à¤à¤¾à¤°
के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, बादलों के रूप में वायà¥à¤®à¤‚डल की विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ ऊà¤à¤šà¤¾à¤‡à¤¯à¥‹à¤‚
में वितरित हो जाती है। पानी की लाखों बहà¥à¤¤ छोटी-छोटी बूंदें à¤à¤•तà¥à¤°à¤¿à¤¤ होकर बादल
बनाती हैं। वायà¥à¤®à¤‚डल में बादलों का वितरण पृथà¥à¤µà¥€ की घूरà¥à¤£à¤¨ गति के साथ-साथ तापमान, दबाव
और वायà¥à¤®à¤‚डलीय परिसंचरण जैसी अनà¥à¤¯ वायà¥à¤®à¤‚डलीय घटनाओं से à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है।
पृथà¥à¤µà¥€ के à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¥‡ में बने बादल वायà¥à¤®à¤‚डल में अलग-अलग दिशाओं में सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित हो
सकते हैं, संघनित हो सकते हैं और पृथà¥à¤µà¥€ के अनà¥à¤¯ सà¥à¤¦à¥‚र
हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में वरà¥à¤·à¤¾  के रूप में गिर सकते
हैं। उदाहरण के लिà¤, à¤à¤¾à¤°à¤¤ में मानसून के मौसम के दौरान जो बादल
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महासागरों के ऊपर बनते हैं,
वे वायà¥à¤®à¤‚डल में यातà¥à¤°à¤¾ करते हैं
और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ उपमहादà¥à¤µà¥€à¤ª के ऊपर पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करते हैं, समय के
साथ अलग-अलग तरह से पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ होते हैं और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ वरà¥à¤·à¤£ के रूपों में  गिरते हैं।
बादल
बनना à¤à¤• दिलचसà¥à¤ª पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक घटना है जिसके बारे में आमतौर पर लोगों को जानकारी नहीं
होती है। बादलों और उनके पà¥à¤°à¤•ारों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ से देखने से हम वायà¥à¤®à¤‚डल में उनके
पà¥à¤°à¤•ार और वितरण को समà¤à¤¨à¤¾ सीखते हैं। अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करके हम बादलों की संरचना के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°
अलग-अलग समय/ऋतà¥à¤“ं के दौरान मौसम की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ à¤à¥€ लगा सकते हैं। जब पानी की
बूंदें à¤à¤•तà¥à¤° नहीं होती हैं और बिखरे हà¥à¤ रूप में रहती हैं तो उनके माधà¥à¤¯à¤® से
परावरà¥à¤¤à¤¿à¤¤ सूरà¥à¤¯ के पà¥à¤°à¤•ाश की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है और पृथà¥à¤µà¥€ से ये बादल हलà¥à¤•े
रंग/सफेद (गैर-बरसाती बादल) जैसे दिखते हैं, लेकिन
जब पानी की बूंदें à¤à¤• साथ बड़ी बूंदों में à¤à¤•तà¥à¤°à¤¿à¤¤ होती हैं तो उनसे परावरà¥à¤¤à¤¿à¤¤
सूरà¥à¤¯ का पà¥à¤°à¤•ाश कम होता है और वे काले (बरसाती बादल) दिखते हैं।
बादलों की बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उनके वरà¥à¤—ीकरण में संदरà¥à¤à¤¿à¤¤ किया जाता है -
1)    सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤Ÿà¥‹ – परत           2)    कà¥à¤¯à¥‚मà¥à¤²à¥‹ – ढेर, कपास की गेंद            3)    सिरो - ऊंचा, घà¥à¤‚घराले बालों की तरहÂ
4)    ऑलà¥à¤Ÿà¥‹ - मधà¥à¤¯Â         5)    निमà¥à¤¬à¥‹ - वरà¥à¤·à¤¾, धà¥à¤‚ध, वाषà¥à¤ª या कोहरा
बादलों के बारे में जानकारी, किसानों और आम जनता के लिठसूचना, विशेष रूप से मानसून के मौसम के दौरान वरà¥à¤·à¤¾ , तूफान, गरज जैसी संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ मौसम सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बारे में तथा चेतावनी पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने में बहà¥à¤¤ उपयोगी हो सकती है।
बादलों को जमीन से वायà¥à¤®à¤‚डल में उनके ऊरà¥à¤§à¥à¤µà¤¾à¤§à¤° वितरण के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° वरà¥à¤—ीकृत किया जाता है -
Ø निमà¥à¤¨ सà¥à¤¤à¤° के बादल,
Ø मधà¥à¤¯à¤® सà¥à¤¤à¤° के बादल,
Ø उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° के बादल और
Ø ऊरà¥à¤§à¥à¤µà¤¾à¤§à¤° विकास वाले बादल
 ऊरà¥à¤§à¥à¤µà¤¾à¤§à¤° शà¥à¤°à¥‡à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को उनकी संरचना और गठन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आगे वरà¥à¤—ीकृत किया जाता है।
निचले सà¥à¤¤à¤° के बादल पृथà¥à¤µà¥€ की सतह से 2 किमी तक निचले वायà¥à¤®à¤‚डल में सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¸ (कà¥à¤·à¥ˆà¤¤à¤¿à¤œ रूप से विकसित) पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥‚प में बनते हैं। उनकी वितरण ऊà¤à¤šà¤¾à¤ˆ धà¥à¤°à¥à¤µà¥€à¤¯, समशीतोषà¥à¤£ और उषà¥à¤£à¤•टिबंधीय कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में समान होती है। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आगे तीन पà¥à¤°à¤•ारों में वरà¥à¤—ीकृत किया गया है -
i) सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤Ÿà¤¸ बादल: ये बादल धूसर रंग के होते हैं और पृथà¥à¤µà¥€ की सतह के बहà¥à¤¤ करीब सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होते हैं। वे आम तौर पर चादर जैसी परत की तरह दिखते हैं लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ टà¥à¤•ड़ों में à¤à¥€ पाठजाते हैं। वे शायद ही कà¤à¥€ वरà¥à¤·à¤£ करते हैं।
ii) सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥ˆà¤Ÿà¥‹à¤•à¥à¤¯à¥‚मà¥à¤²à¤¸ बादल: ये बादल धूसर या सफेद रंग के होते हैं। बादलों का आधार चपटे की अपेकà¥à¤·à¤¾ अधिक गोलाकार होता है। इनका निरà¥à¤®à¤¾à¤£ पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¸ बादलों से या बाहर फैल रहे कà¥à¤¯à¥‚मà¥à¤²à¤¸ बादलों से हो सकता है। वे पतले और घने कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ वाले बादलों के à¤à¥à¤£à¥à¤¡ की तरह दिखाई देते हैं।
iii) निंबोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¸ बादल: इन बादलों का नाम लैटिन शबà¥à¤¦ 'निंबस' से लिया गया है जिसका अरà¥à¤¥ है वरà¥à¤·à¤¾  वाला बादल। ये बादलों की घनी, काली, धूसर, आकृतिहीन परतें हैं, जो कि इतनी मोटी होती हैं जो सूरà¥à¤¯ को अवरà¥à¤¦à¥à¤§ करके वरà¥à¤·à¤£ के रूप में लगातार वरà¥à¤·à¤¾  और संà¤à¤µà¤¤à¤ƒ बरà¥à¤« के रूप में वरà¥à¤·à¤£ करती हैं।
मधà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤° के बादल वायà¥à¤®à¤‚डल में पृथà¥à¤µà¥€ की सतह से 2 से 8 किमी की ऊà¤à¤šà¤¾à¤ˆ तक बनते हैं। विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ अकà¥à¤·à¤¾à¤‚शीय कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में इनकी ऊà¤à¤šà¤¾à¤ˆ à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨-à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होती है। धà¥à¤°à¥à¤µà¥€à¤¯ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में ये 2 से 4 किमी की ऊंचाई पर बनते हैं, समशीतोषà¥à¤£ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में ये 2 से 7 किमी की ऊंचाई पर बनते हैं और उषà¥à¤£à¤•टिबंधीय कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में ये पृथà¥à¤µà¥€ की सतह से 2 से 8 किमी की ऊंचाई पर बनते हैं। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दो पà¥à¤°à¤•ारों में वरà¥à¤—ीकृत किया गया है -
i) आलà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¸ बादल: ये बादल नीले या धूसर रंग के आवरण वाले सपाट, और à¤à¤• समान पà¥à¤°à¤•ार की बनावट की तरह दिखाई देते हैं जो पूरी तरह या आंशिक रूप से आकाश को ढक लेते हैं। इनके माधà¥à¤¯à¤® से सूरà¥à¤¯ का पà¥à¤°à¤•ाश तो देखा जा सकता है लेकिन कोई पà¥à¤°à¤à¤¾à¤®à¤‚डल पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ नहीं होता। जब तक वे सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¸ परत में नीचे नहीं जाते और मोटे नहीं हो जाते, तब तक वे सà¥à¤µà¤¯à¤‚ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ वरà¥à¤·à¤£ नहीं करते हैं।
ii) आलà¥à¤Ÿà¥‹à¤•à¥à¤¯à¥‚मà¥à¤²à¤¸ बादल: ये बादल 'कà¥à¤¯à¥‚मà¥à¤²à¥‹' पà¥à¤°à¤•ार की विशेषता पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करते हैं और समà¥à¤¦à¥à¤° की सफेद और à¤à¥‚रे रंग की लहरों की तरह बादलों की पंकà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के रूप में छाया की तरह फैल जाते हैं। इन बादलों में अधिकतर पानी की बूंदें और संà¤à¤µà¤¤à¤ƒ कà¥à¤› बरà¥à¤« के माणठà¤à¥€ होते हैं।
उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤°à¥€à¤¯ बादल पृथà¥à¤µà¥€ की सतह से 3 से 18 किमी की ऊà¤à¤šà¤¾à¤ˆ तक वायà¥à¤®à¤‚डल में बनते हैं। विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ अकà¥à¤·à¤¾à¤‚शीय कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में इनकी ऊà¤à¤šà¤¾à¤ˆ à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨-à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होती है। धà¥à¤°à¥à¤µà¥€à¤¯ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में ये 3 से 8 किमी की ऊंचाई पर बनते हैं, समशीतोषà¥à¤£ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में ये 5 से 14 किमी की ऊंचाई पर बनते हैं जबकि उषà¥à¤£à¤•टिबंधीय कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में ये पृथà¥à¤µà¥€ की सतह से 6 से 18 किमी की ऊंचाई पर बनते हैं। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आगे तीन पà¥à¤°à¤•ारों में वरà¥à¤—ीकृत किया गया है -
i) सिरस बादल: ये बादल सफेद नाजà¥à¤• पंखों की तरह दिखते हैं। वे आम तौर पर बहà¥à¤¤ पतले असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ होते हैं और पूरी तरह से बरà¥à¤« के माणà¤à¥‹à¤‚ से बने होते हैं।
ii) सिरोसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¸ बादल: ये बादल बरà¥à¤« के माणà¤à¥‹à¤‚ से बनी à¤à¤• पतली, लगà¤à¤— पारदरà¥à¤¶à¥€, सफेद घूंघट जैसी परत के रूप में दिखाई देते हैं। जब चंदà¥à¤°à¤®à¤¾ की रोशनी या सूरà¥à¤¯ का पà¥à¤°à¤•ाश उनके बरà¥à¤« के माणà¤à¥‹à¤‚ से होकर गà¥à¤œà¤°à¤¤à¤¾ है तो पà¥à¤°à¤•ाश उसी तरह बिखर जाता है जैसे जब पà¥à¤°à¤•ाश किसी पà¥à¤°à¤¿à¤œà¥à¤® से गà¥à¤œà¤°à¤¤à¤¾ है, और जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प à¤à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤®à¤‚डल का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ होता है।Â
iii) सिरोकà¥à¤¯à¥‚मà¥à¤²à¤¸ बादल: ये बादल पतली सफेद परत जैसे होते हैं जिनकी बनावट उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कपास के टà¥à¤•ड़े या बिना छाया के लहरदार दिखती है। इनमें मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से बरà¥à¤« के माणठहोते हैं और संà¤à¤µà¤¤à¤ƒ कà¥à¤› बहà¥à¤¤ ठंडी पानी की बूंदें à¤à¥€ होती हैं।
इस पà¥à¤°à¤•ार के बादल पृथà¥à¤µà¥€ की सतह के निकट निचले वायà¥à¤®à¤‚डल में कà¥à¤¯à¥‚मà¥à¤²à¤¸ (ऊरà¥à¤§à¥à¤µà¤¾à¤§à¤° रूप में विकसित) पà¥à¤°à¤¾à¤°à¥‚प में बनते हैं और ऊà¤à¤šà¤¾à¤ˆ की ओर उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° तक बढ़ते हैं। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दो पà¥à¤°à¤•ारों में वरà¥à¤—ीकृत किया गया है -
i) कà¥à¤¯à¥‚मà¥à¤²à¤¸ बादल: इन बादलों का आधार सपाट और घना, टीले के आकार का शीरà¥à¤· होता है जो à¤à¤• बड़ी फूलगोà¤à¥€ जैसा दिखता है और ऊरà¥à¤§à¥à¤µà¤¾à¤§à¤° बढ़ता है। जब सूरà¥à¤¯ का पà¥à¤°à¤•ाश इन बादलों से टकराता है तो वे चमकीले सफेद रंग के दिखते हैं। इनका आधार गहरे धूसर रंग का होता है। ये आम तौर पर वरà¥à¤·à¤£ नहीं करते हैं।
ii) कà¥à¤¯à¥‚मà¥à¤²à¥‹à¤¨à¤¿à¤®à¥à¤¬à¤¸ बादल: ये बड़े, à¤à¤¾à¤°à¥€ और घने बादल हैं। इनकी सतह आम तौर पर सपाट, गहरे रंग की होती है और चोटी बहà¥à¤¤ ऊंची और बड़े आकार की होती है जैसे विशाल परà¥à¤µà¤¤ या बà¥à¤²à¥‰à¤• के आकार की। इन बादलों में अकà¥à¤¸à¤° आवेशित पानी की बूंदों के बीच टकराव और के कारण बिजली और गड़गड़ाहट, और कà¤à¥€-कà¤à¥€ ओलावृषà¥à¤Ÿà¤¿ होती है। ये बवंडर à¤à¥€ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ कर सकते हैं।