पानी
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जल वैशà¥à¤µà¤¿à¤• पारिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤•ी तंतà¥à¤° में पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ है। यह वैशà¥à¤µà¤¿à¤• जल चकà¥à¤° का à¤à¤¾à¤— है और जीवन का सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। सà¥à¤µà¤šà¥à¤› रूप और परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ उपलबà¥à¤§à¤¤à¤¾ के रूप में यह जीवन के सà¥à¤µà¤°à¥‚पों को सहारा देता है और यदि इसका पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन सही तरीके से न हो या पà¥à¤°à¤¦à¥‚षित हो तो यह आपदाओं का कारण बन सकता है। पानी की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ सीधे हमारे जीवन को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है। पानी की अचà¥à¤›à¥€ गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ पारिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤•ी तंतà¥à¤° को बनाठरखती है और इससे मानव सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ में सà¥à¤§à¤¾à¤° होता है। लेकिन, पानी की खराब गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ और मानव कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ पर à¤à¥€ नकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालती है। मानवजनित पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण से पानी की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ को खतरा बढ़ रहा है; अनेक जल पà¥à¤°à¤¦à¥‚षक मानव सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठउचà¥à¤š जोखिम पैदा करते हैं।
पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण के बाद उसकी सफ़ाई के उपायों पर ख़रà¥à¤š करने की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में जल संसाधनों की रकà¥à¤·à¤¾ करना कहीं अधिक ससà¥à¤¤à¤¾ विकलà¥à¤ª है। जलीय परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ का संरकà¥à¤·à¤£ और रखरखाव उनकी पारिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤•ी तंतà¥à¤° सेवाओं जैसे पीने योगà¥à¤¯ पानी, पोषक ततà¥à¤µ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹, जैव विविधता, मतà¥à¤¸à¥à¤¯ पालन, मनोरंजन आदि की संपोषणीयता सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करता है। इको यूरेका किट का विषय ‘जल’ à¤à¥€ सतत विकास लकà¥à¤·à¥à¤¯ 6 (जल और सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ 2030 तक सà¤à¥€ के लिà¤) की उपलबà¥à¤§à¤¿ का समरà¥à¤¥à¤¨ करता है |
पानी के सामानà¥à¤¯ गà¥à¤£à¤§à¤°à¥à¤® जो मनà¥à¤·à¥à¤¯à¥‹à¤‚ और पारिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤•ी तंतà¥à¤° के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं और जिन पर हमें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इस विषय के अंतरà¥à¤—त केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया गया है। ये हैं -
पानी का pH,
पानी की कठोरता,
पानी में अवशिषà¥à¤Ÿ कà¥à¤²à¥‹à¤°à¥€à¤¨,
पानी की पारदरà¥à¤¶à¤¿à¤¤à¤¾,