कृमिघर (वरà¥à¤®à¥€à¤•ैरियम) कृमियों, जैसे केंचà¥à¤“ं के लिठà¤à¤• कृतà¥à¤°à¤¿à¤® सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ घर है। कृमिघर à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का पातà¥à¤° है जो अलग-अलग लंबाई, चौड़ाई और ऊंचाई वाला होता है, जिसमें कृमि, मिटà¥à¤Ÿà¥€, पानी और अनà¥à¤¯ आवशà¥à¤¯à¤• सामगà¥à¤°à¥€ को सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित करने के लिठइसका शीरà¥à¤· खà¥à¤²à¤¾ होता है। कृमियों की गतिविधियों को देखने के लिठपातà¥à¤° की कम से कम à¤à¤• तरफ की दीवार को पारदरà¥à¤¶à¥€ रखा जाता है। कृमिघर की पारदरà¥à¤¶à¥€ दीवार के माधà¥à¤¯à¤® से हम कृमियों की गतिविधियों, उनके बिल बनाने की शैली और सà¥à¤µà¤°à¥‚प, खाने की शैली, गतियां, उतà¥à¤¸à¤°à¥à¤œà¤¨, और अनà¥à¤¤à¤ƒà¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं आदि को देख सकते है। चूंकि कृमि पà¥à¤°à¤•ाश से बचते हैं, इसलिठकृमिघर को या तो ढककर या अंधेरी जगह पर रखना पड़ता है जिससे कृमियों को छिपने के लिठमजबूर नहीं होना पड़ता है और वे पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से गतिविधियाठकर सकते हैं।
कृमिघर की मदद से मिटà¥à¤Ÿà¥€ के कृमियों (जैसे केंचà¥à¤) की आवास सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ à¤à¤µà¤‚ उनके वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° को समà¤à¤¾ जा सकता है और साथ ही मिटà¥à¤Ÿà¥€ की विशेषताओं के रखरखाव में उनकी à¤à¥‚मिका को à¤à¥€ समà¤à¤¾ जा सकता है। इससे विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ मिटà¥à¤Ÿà¥€à¤¯à¥‹à¤‚ के वातावरण और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ मौसमों में केचà¥à¤“ं की à¤à¥‚मिका को à¤à¥€ समà¤à¤¾ जा सकता है। कृमिघर के माधà¥à¤¯à¤® से हम देख सकते हैं कि केंचà¥à¤ मिटà¥à¤Ÿà¥€ को रूपांतरित करने और मिटà¥à¤Ÿà¥€ के परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ को बनाठरखने में कितनी कà¥à¤¶à¤²à¤¤à¤¾à¤ªà¥‚रà¥à¤µà¤• और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ ढंग से à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं।