तितलियाठअति सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ कीट हैं जो दिन के उजाले में उड़ती और गमन करती रहती हैं। इसलिठसà¥à¤¥à¤¿à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में उनका निकट से निरीकà¥à¤·à¤£ करना बहà¥à¤¤ मà¥à¤¶à¥à¤•िल है। तितली जाल की मदद से कोई à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ आसानी से तितलियों को पकड़ सकता है और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ताजी हवा, पानी, à¤à¥‹à¤œà¤¨ और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ जैसी बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ आवशà¥à¤¯à¤•ताओं को पूरा करने के साथ अवलोकन के लिठथलजीवशाला (टेरेरियम) में रख सकता है। तितली का अवलोकन और अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ करने के बाद उसे वापस उसके पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक वातावरण में छोड़ दिया जाता है।
à¤à¤• तितली जाल
तितली जाल में à¤à¤• धातॠया लकड़ी का हतà¥à¤¥à¤¾ होता है जिसमें हटाने योगà¥à¤¯ या सà¥à¤¥à¤¿à¤°, मजबूत धातॠका à¤à¤• वलय या तार का घेरा लगा होता है। धातॠया तार के वलय के साथ à¤à¤• लमà¥à¤¬à¤¾ जाल का थैला (आमतौर पर नायलॉन से बना) इस तरह से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ होता है कि इसका चौड़ा मà¥à¤‚ह वलय से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ होता है और लमà¥à¤¬à¤¾ हिसà¥à¤¸à¤¾ à¤à¤• दूरसà¥à¤¥ संकीरà¥à¤£ बंद सिरे पर समापà¥à¤¤ होता है। तितली को पकड़ने के लिठजाल को हवा में इस तरह घà¥à¤®à¤¾à¤¯à¤¾ जाता है कि उड़ती हà¥à¤ˆ तितली उसके शरीर को कोई नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाठबिना जालीदार थैले में फंस जाती है।
1. सबसे पहले तितली जाल को बना लें और अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करें कि इसका उपयोग कैसे किया जाता है।
2. हतà¥à¤¥à¥‡ को पकड़ें और जाल के मà¥à¤– को à¤à¤• दिशा में कà¥à¤·à¥ˆà¤¤à¤¿à¤œ तरीके से घà¥à¤®à¤¾à¤à¤à¥¤
3. हमेशा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि तितली आपके सामने घूम रही है और आप सावधानी से जाल को तितली की ओर बढ़ा रहे हैं ताकि आप तितली को बिना कोई नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाठपकड़ने में कामयाब हो जाà¤à¤‚।
4. à¤à¤• बार जब तितली जाल के अंदर आ जाà¤, तो धीरे-धीरे जाल के हैंडल को घà¥à¤®à¤¾à¤•र जाल के मà¥à¤– को बंद कर दें। इससे तितली जाल से बाहर नहीं आ पाती।
5. तितली को जाल से सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित करने के लिठà¤à¤• उचित आकार का पातà¥à¤° लें।
6. तितली को थलजीवशाला (टेरेरियम) में सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित करें।
7. à¤à¤• बार जब तितली को थलजीवशाला (टेरेरियम) के अंदर हवा, पानी, à¤à¥‹à¤œà¤¨ और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ मिल जाठऔर वह उसके अंदर सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° रूप से घूमने लगे, तो वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ तरीके से अपना अवलोकन शà¥à¤°à¥‚ करें और आंकड़ा पà¥à¤°à¤ªà¤¤à¥à¤° में दरà¥à¤œ करें।
8. वांछित समय तक निरीकà¥à¤·à¤£ करने के बाद तितली को उसके पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक आवास में वापस छोड़ दें।
9. तितलियों के रेखाचितà¥à¤° बनाà¤à¤‚ और यदि संà¤à¤µ हो तो पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ के लिठउनकी तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚ à¤à¥€ लें।
Ø à¤†à¤ª अनेकों तितलियों को पकड़ सकते हैं और उनका अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ कर सकते हैं और वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ तरीके से उनकी आकृति विजà¥à¤žà¤¾à¤¨, वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° का अà¤à¤¿à¤²à¥‡à¤– बना सकते हैं।
Ø à¤à¤•तà¥à¤°à¤¿à¤¤ जानकारी के तà¥à¤²à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ का उपयोग संखà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ और चारà¥à¤Ÿ और पोसà¥à¤Ÿà¤° जैसे उदाहरणातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ बनाने के लिठकिया जा सकता है।
अपने अवलोकनों को आंकड़ा पà¥à¤°à¤ªà¤¤à¥à¤° में वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ रूप से दरà¥à¤œ करें। आंकड़ा तालिका का à¤à¤• उदाहरण यहां दिया गया है, आप आवशà¥à¤¯à¤•ता के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अपनी सà¥à¤µà¤¯à¤‚ की आंकड़ा तालिका तैयार कर सकते हैं।
|
कà¥à¤°.सं. |
तितली का नाम |
तितली का रेखाचितà¥à¤° |
टिपà¥à¤ªà¤£à¥€ |
|
|
|
|
|
|
|
|
|
|
Ø à¤¤à¤¿à¤¤à¤²à¤¿à¤¯à¤¾à¤ à¤«à¥‚à¤²à¥‹à¤‚ और पौधों के रंगों की पहचान कैसे करती हैं?
Ø à¤°à¤¾à¤¤ में तितलियाठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ नहीं दिखतीं? कà¥à¤¯à¤¾ वे रात को नहीं देख सकती हैं या कोई अनà¥à¤¯ कारण?
Ø à¤†à¤ª अपने अवलोकनों को मातà¥à¤°à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• और/या गà¥à¤£à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• आंकड़ों के रूप में पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤ कर सकते हैं।
Ø à¤¹à¤¾à¤¥ से बनाठगठरेखाचितà¥à¤° और तसà¥à¤µà¥€à¤°à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करने के लिठà¤à¤• अतिरिकà¥à¤¤ संगà¥à¤°à¤¹ होंगे।