पृथà¥à¤µà¥€ à¤à¤µà¤‚ वायà¥à¤®à¤‚डल
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पृथà¥à¤µà¥€ पर जीवन के लिठउपयà¥à¤•à¥à¤¤ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤ हैं और इसलिठयह हमारा घर है और हम अपने असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µ के लिठपूरी तरह से इस पर निरà¥à¤à¤° हैं। पृथà¥à¤µà¥€ के चारों ओर के वायà¥à¤®à¤‚डल में वह हवा है जिसमें हम सांस लेते हैं, यह सौर और बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤¾à¤‚डीय विकिरणों को à¤à¥€ नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करती है, तथा गà¥à¤°à¤¹ के ताप संतà¥à¤²à¤¨ और जैव-à¤à¥‚-रासायनिक चकà¥à¤°à¥‹à¤‚ को बनाठरखने में à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥€ है। वायà¥à¤®à¤‚डल में कई à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤•-रासायनिक घटनाà¤à¤‚ घटती हैं जैसे, बादलों का बनना, ओजोन गैस अणॠका बनना और टूटना और पराबैंगनी विकिरणों का नियंतà¥à¤°à¤£, वायà¥à¤®à¤‚डलीय परिसंचरण (वायà¥à¤®à¤‚डलीय हवाà¤à¤‚), दबाव, विदà¥à¤¯à¥à¤¤ आवेश का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨, परिवहन à¤à¤µà¤‚ मà¥à¤•à¥à¤¤ होना, विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ ऊंचाइयों में तापमान à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨à¤¤à¤¾, जल वाषà¥à¤ª का संघनन, विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के वरà¥à¤·à¤£, हवा में निलंबित महीन ठोस अथवा दà¥à¤°à¤µ, और गैस-गैस, गैस-कण अंतःकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आदि। अधिकांश वायà¥à¤®à¤‚डलीय घटनाà¤à¤‚ पृथà¥à¤µà¥€ के गà¥à¤°à¥à¤¤à¥à¤µà¤¾à¤•रà¥à¤·à¤£ बल, घूरà¥à¤£à¤¨ और रैखिक गतियों से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती हैं।
पृथà¥à¤µà¥€ के वायà¥à¤®à¤‚डल में घटित होने वाली कà¥à¤› महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ घटनाà¤à¤ जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हमें समà¤à¤¨à¥‡ की आवशà¥à¤¯à¤•ता है, उनका अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ करने के तरीकों और साधनों पर इस विषय के अंतरà¥à¤—त चरà¥à¤šà¤¾ की गई है।