à¤à¤¸à¥à¤šà¥‡à¤°à¤¿à¤šà¤¿à¤¯à¤¾ कोली (ई. कोली) नामक जीवाणॠसà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• रूप से हमारे पाचन तंतà¥à¤° (बड़ी आंत) में पाया जाता है और इसे सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। लेकिन अगर यही जीवाणॠपानी या à¤à¥‹à¤œà¤¨ के साथ हमारे शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करता है, तो यह पाचन तंतà¥à¤° के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को बिगाड़ कर गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डालता है। पानी में ई. कोली की मौजूदगी मल पदारà¥à¤¥ से पानी के दूषित होने का संकेत है और दूषित पानी को पीने से पहले ठीक से उपचारित किया जाना चाहिà¤à¥¤
मौजूदगी का पता लगाने का सबसे सरल और तेज़ तरीका वायल कलà¥à¤šà¤° टेसà¥à¤Ÿ (जिसे H2S सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤ª टेसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ कहा जाता है) है, जिसमें सैंपल किठगठपानी को कमरे के तापमान पर 24 घंटे के लिठà¤à¤• वायल में पहले से मिलाठगठगà¥à¤°à¥‹à¤¥ मीडिया के साथ कलà¥à¤šà¤° किया जाता है। वायल में à¤à¤• पेपर सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤ª होती है जिसे गà¥à¤°à¥‹à¤¥ मीडिया से à¤à¤¿à¤—ोया जाता है जो ई. कोली बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को और अधिक गà¥à¤£à¤¾ करने में मदद करेगा। इस वायल में à¤à¤°à¥‡ गठपानी के नमूने में अगर कोई ई. कोली है तो पानी का रंग बदल जाà¤à¤—ा जो इसमें ई. कोली की मौजूदगी को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है।
H2S परीकà¥à¤·à¤£ शीशी (विकास माधà¥à¤¯à¤® से लदी कागज़ की पटà¥à¤Ÿà¥€ यà¥à¤•à¥à¤¤)
1. पानी के नमूने को सीधे H2S शीशी में इकटà¥à¤ ा करें और इसे ऊपर तक à¤à¤°à¥‡à¤‚ और तà¥à¤°à¤‚त शीशी का ढकà¥à¤•न   बंद कर दें,
2. शीशी को कमरे के तापमान पर à¤à¤• अंधेरी जगह पर रखें,
3. शीशी को 24 घंटे तक रखें और फिर सैंपल किठगठपानी में आठबदलाव की जांच करें,
4. अगर सैंपल किठगठपानी का रंग काला हो जाता है, तो यह उसमें E. coli की मौजूदगी को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है।
5. सावधानी: सैंपल को संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¥‡ से पहले और बाद में अपने हाथ साफ रखें। जांच के बाद सैंपल को    सावधानी से नाली में फेंक दें)।
अपने कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में à¤à¤•तà¥à¤°à¤¿à¤¤ पानी के नमूनों में ई. कोली की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और अनà¥à¤ªà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को रिकॉरà¥à¤¡ करें। निषà¥à¤•रà¥à¤· निकालने के लिठडेटा का गणितीय या सांखà¥à¤¯à¤¿à¤•ीय तरीकों से विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ किया जा सकता है। डेटा à¤à¤•तà¥à¤° करने के लिठउदाहरण के लिठयहाठà¤à¤• नमूना तालिका दी गई है -
पानी के नमूने के  सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤Â का नाम या संकेतक | दिनांक à¤à¤µà¤‚ समय | उचित कोष में परीकà¥à¤·à¤£ परिणाम अंकित करें | टिपà¥à¤ªà¤£à¥€ | |
उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ | अनà¥à¤ªà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ | |||
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* सकारातà¥à¤®à¤• परीकà¥à¤·à¤£ परिणामों के लिà¤, वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• तरीकों से पानी का उपचार करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें और फिर उपचारित नमूने का परीकà¥à¤·à¤£ करें ताकि यह सतà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¿à¤¤ किया जा सके कि ई. कोली संदूषण नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ हà¥à¤† है या नहीं।
* शौच के बाद साबà¥à¤¨ या राख से हाथ धोने की सलाह कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ दी जाती है?
* बरà¥à¤¤à¤¨ से पानी लेने के लिठलंबे हैंडल वाले करछà¥à¤² या बरà¥à¤¤à¤¨ का उपयोग करने की सलाह कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ दी जाती है?
* घरों में पानी को फ़िलà¥à¤Ÿà¤° करने के लिठकिन सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का उपयोग किया जाता है? सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ उपà¤à¥‹à¤— के लिठजल उपचार के पारंपरिक और आधà¥à¤¨à¤¿à¤• तरीकों का पता लगाà¤à¤
संदरà¥à¤à¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में मल कोलीफॉरà¥à¤® से संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ पाठगठजल के नमूनों की पहचान की जाती है। गणितीय या सांखà¥à¤¯à¤¿à¤•ीय अनà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के अलावा आप अपने कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° का ई. कोली वितरण मानचितà¥à¤° तैयार कर सकते हैं ताकि खà¥à¤²à¥‡ में शौच/मल दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ जल संदूषण से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° का आकलन किया जा सके।
चितà¥à¤°: कोलीफॉरà¥à¤® कलà¥à¤šà¤° वायल (H2S वायल)
चितà¥à¤°: परीकà¥à¤·à¤£ परिणाम (à¤) ई. कोली अनà¥à¤ªà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ (बी) ई. कोली उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤